You can enable/disable right clicking from Theme Options and customize this message too.
logo
logo

vicharak

18 Mar 2018

हम क्यों दुखी हैं? -Why We Are Unhappy

हम क्यों दुखी हैं? Reasons Why We Are unhappy नमस्कार दोस्तों आज फिर से हाजिर हु एक नए विचार(vichar) के साथ कि आखिर हम दुखी क्यों है – why we are unhappy? ऐसे बहुत से सवाल हमारे दिमांग में आते रहते है हमारे चारो तरफ लगता है की इस दुनिया (World) मे सिर्फ दुख ही दुख है। अजीब है लेकिन सत्य है की गरीबो इसलिए दुखी है की उसके पास धन नहीं है । अमीरों से पूछो तो वो कहता […]

02 Dec 2019

एक चीख

एक बार बीजिंग शहर के एक मुहल्ले में एक युवती का बलात्कार हुआ। ये खबर किसी तरह चेयरमैन क्रांतिकारी माओत्से तुंग तक पहुंची। वह खुद पीड़ित लड़की से मिले। उन्होंने उस लड़की से पूछा “जब तुम्हारे साथ जबरदस्ती किया जा रहा था तो तुम मदद के लिये चिल्लाई थी ?” लड़की ने हां में सर हिलाया। चेयरमैन माओ ने उस लड़की के सर पर प्यार से हाथ रखा और नरमी से कहा “मेरी बच्ची! क्या तुम उसी ताक़त के साथ […]

01 Dec 2019

रिस्तो की सीख- एक गधा एक कुत्ता

एक बार एक कुत्ते और गधे के बीच शर्त लगी कि जो जल्दी से जल्दी दौडते हुए दो गाँव आगे रखे एक सिंहासन पर बैठेगा… वही उस सिंहासन का अधिकारी माना जायेगा, और राज करेगा. जैसा कि निश्चित हुआ था, दौड शुरू हुई. कुत्ते को पूरा विश्वास था कि मैं ही जीतूंगा. क्योंकि ज़ाहिर है इस गधे से तो मैं तेज ही दौडूंगा. पर अागे किस्मत में क्या लिखा है … ये कुत्ते को मालूम ही नही था. शर्त शुरू […]

29 Nov 2019

दृष्टिकोण

🌹”दृष्टिकोण” …🌹 ट्रेन में दो बच्चे यहाँ-वहाँ दौड़ रहे थे, कभी आपस में झगड़ जाते तो कभी किसी सीट के उपर कूदते। पास ही बैठा पिता किन्हीं विचारों में खोया था। बीच-बीच में जब बच्चे उसकी ओर देखते तो वह एक स्नेहिल मुस्कान बच्चों पर डालता और फिर बच्चे उसी प्रकार अपनी शरारतों में व्यस्त हो जाते और पिता फिर उन्हें निहारने लगता। ट्रेन के सहयात्री बच्चों की चंचलता से परेशान हो गए थे और पिता के रवैये से नाराज़। […]

29 Nov 2019

मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा

मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा मुफ़्त जाँच , मुफ़्त दवा , लगभग मुफ़्त राशन, मुफ़्त शिक्षा, मुफ्त विवाह, मुफ्त जमीन के पट्टे, मुफ्त मकान बनाने के पैसे, बच्चा पैदा करने पर पैसे, बच्चा पैदा नहीं (नसबंदी) करने पर पैसे, स्कूल में खाना मुफ़्त, मुफ्त जैसी बिजली 200 रुपए महीना, मुफ्त तीर्थ यात्रा । “जन्म से लेकर मृत्यु तक सब मुफ्त*। मुफ़्त बाँटने की होड़ मची है, फिर कोई काम क्यों करेगा ? देश का विकास मुफ्त में पड़े पड़े कैसे होगा ? […]

29 Nov 2019

आत्मचिंतन के क्षण

🔥आत्मचिंतन के क्षण🔥 ☘यह भी नहीं रहने वाला☘ एक साधु देश में यात्रा के लिए पैदल निकला हुआ था। एक बार रात हो जाने पर वह एक गाँव में आनंद नाम के व्यक्ति के दरवाजे पर रुका। आनंद ने साधू की खूब सेवा की। दूसरे दिन आनंद ने बहुत सारे उपहार देकर साधू को विदा किया।* साधू ने आनंद के लिए प्रार्थना की – *”भगवान करे तू दिनों दिन बढ़ता ही रहे।” साधू की बात सुनकर आनंद हँस पड़ा और […]

28 Nov 2019

शायरी उन्ही के लबों पर सजती है….

जिनकी आँखों में इश्क़ होता है ..!!💘

Contact PersonWhatsApp से जुड़ने के लिए click करे

28 Nov 2019

संघर्ष करना सिखाइए

बाज पक्षी जिसे हम ईगल या शाहीन भी कहते है। जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है उस उम्र में एक मादा बाज अपने चूजे को पंजे में दबोच कर सबसे ऊंचा उड़ जाती है। पक्षियों की दुनिया में ऐसी Tough and tight training किसी भी ओर की नही होती। मादा बाज अपने चूजे को लेकर लगभग 12 Kms. ऊपर ले जाती है। जितने ऊपर अमूमन जहाज उड़ा करते हैं और वह दूरी तय करने में मादा […]

28 Nov 2019

संघर्ष करना सिखाइए

बाज पक्षी जिसे हम ईगल या शाहीन भी कहते है। जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है उस उम्र में एक मादा बाज अपने चूजे को पंजे में दबोच कर सबसे ऊंचा उड़ जाती है। पक्षियों की दुनिया में ऐसी Tough and tight training किसी भी ओर की नही होती। मादा बाज अपने चूजे को लेकर लगभग 12 Kms. ऊपर ले जाती है। जितने ऊपर अमूमन जहाज उड़ा करते हैं और वह दूरी तय करने में मादा […]

28 Nov 2019

सच्ची क़ीमत

एक कुम्हार को मिट्टी खोदते हुए अचानक एक हीरा मिल गया, उसने उसे अपने गधे के गले में बांध दिया एक दिन एक बनिए की नजर गधे के गले में बंधे उस हीरे पर पड़ गई, उसने कुम्हार से उसका मूल्य पूछा कुम्हार ने कहा- सवा सेर गुड़ बनिए ने कुम्हार को सवा सेर गुड़ देकर वह हीरा खरीद लिया बनिए ने भी उस हीरे को एक चमकीला पत्थर समझा था, लेकिन अपनी तराजू की शोभा बढ़ाने के लिए उसकी […]

27 Nov 2019

मुम्बई की एक करोड़पति स्त्री- एक दुःखद अंत

#जरूर_पढ़ेंयह मुम्बई की करोड़पति स्त्री का शव है। एक करोड़पति NRI पुत्र की माँ की लाश है। लगभग 10 माह से 7 करोड़ के फ़्लैट में मरी पड़ी थी। अमेरिका में रहने वाले इंजीनियर ऋतुराज साहनी लंबे अरसे बाद अपने घर मुंबई लौटे, तो घर पर उनका सामना किसी जीवित परिजन की जगह अपनी मां के कंकाल से हुआ। बेटे को नहीं मालूम कि उसकी मां आशा साहनी की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई। आशा साहनी के बुढ़ापे […]